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Tuesday, 24 April 2018

आसाराम को कल सुनाया जायेगा फैसला, जोधपुर की सीमा सील, धारा 144 लागू, प्रशासन चाकचौबंद*

*आसाराम को कल सुनाया जायेगा फैसला, जोधपुर की सीमा सील, धारा 144 लागू, प्रशासन चाकचौबंद*

नाबालिग से दुष्कर्म के केस में आसाराम को फैसला कल बुधवार को सुनाया जाएगा। फैसला सुनाने के लिए अदालत जोधपुर सेंट्रल जेल में ही लगेगी। फैसले को लेकर एहतियाती तौर पर जोधपुर पुलिस एवं प्रशासन ने आसाराम समर्थकों को रोकने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
आसाराम के समर्थक शहर में नहीं जुट पाएं इसके लिए जोधपुर की सीमाएं सील कर दी गई हैं। शहर आने वाली बस, कारों की जांच से लेकर ट्रेन के यात्रियों तक पर नजर रखी जा रही है। शहर में 30 अप्रैल तक के लिए धारा-144 लागू कर दी गई है। इधर, आसाराम के आश्रमों द्वारा समर्थकों के लिए अपील जारी की जा रही हैं कि वे जोधपुर नहीं पहुंचे। सूत्र बताते हैं कि जेल में आसाराम की बैरक के नजदीक स्थापित टाडा कोर्ट में फैसला सुनाया जाएगा।

आसाराम पर आरोप है कि उन्होंने अपने मध्य प्रदेश स्थित छिंदवाड़ा आश्रम में पढ़ने वाली 12वीं की छात्रा को इलाज के बहाने जोधपुर के मणई आश्रम में बुलाकर उससे 14 अगस्त की रात रेप किया। साथ ही, शोर मचाने पर आश्रम में मौजूद उसके माता-पिता को मार डालने की धमकी दी। आसाराम जोधपुर सेंट्रल जेल में 01 सितंबर 2013 से बंद हैं।

15 अगस्त 2013 में दुष्कर्म के आरोपी जोधपुर जेल में वर्ष 2015 से बंद आसाराम के केस की सुनवाई सात अप्रैल को पूरी हो गई थी। इसके बाद फैसले की तिथि जैसे ही कोर्ट से निश्चित हुई। पुलिस पीड़ित के परिवार की सुरक्षा को लेकर और भी सतर्क हो गई। हालांकि, सुरक्षा के नाम पर पीड़ित के आवास के बाहर चौकी स्थापित करके बुलेटप्रूफ जैकेट के साथ सशस्त्र पुलिस बल और महिला सुरक्षा कर्मी तैनात हैं।

इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे में भी हर आने-जाने वाले शख्स पर नजर रखी जाती है। पीड़िता के परिवार वालों से मिलने से पहले सुरक्षा कर्मियों को उनके रजिस्टर पर नाम पता लिखवाना होता है। इसके बाद पीड़िता के पिता की अनुमति मिलने पर ही उसे अंदर जाने की इजाजत दी जाती है।

Monday, 16 April 2018

*🅱IG BREAKING NEWS* *🅱हैदराबाद मक्का मस्जिद ब्लास्ट में स्वामी असीमानंद सहित पांचों आरोपी बरी NIA कोर्ट का बड़ा फैसला*

*हैदराबाद मस्जिद ब्लास्ट केस में NIA कोर्ट का फैसला, असीमानंद समेत सभी आरोपी बरी*


हैदराबाद की मक्का मस्जिद में 11 साल पहले हुए ब्लास्ट मामले में NIA कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। इस धमाके में 9 लोगों की मौत हो गई थी और 58 लोग घायल हो गए थे। आपको बता दें कि इस मामले में 10 आरोपियों में से आठ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी जिसमें नबाकुमार सरकार उर्फ स्वामी असीमानंद का नाम भी शामिल है। जिन 8 लोगों के खिलाफ चार्जशीट बनाई गई थी उसमें से स्वामी असीमानंद और भारत मोहनलाल रत्नेश्वर उर्फ भरत भाई जमानत पर बाहर हैं और तीन लोग जेल में बंद हैं। 
एक आरोपी सुनील जोशी की जांच के दौरान हत्या कर दी गई थी। दो और आरोपी संदीप वी डांगे और रामचंद्र कलसंग्रा के बारे में मीडिया रिपोर्टस में दावा किया गया है कि उनकी भी हत्या कर दी गई है। ब्लास्ट मामले में सीबीआई ने सबसे पहले 2010 में असीमानंद को गिरफ्तार किया था लेकिन 2017 में उन्हें सशर्त जमानत मिल गई थी। उन्हें 2014 के समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में भी जमानत मिल गई थी। 

आपको बता दें कि जांच के दौरान असीमानंद ने कई बार अपने बयान बदले थे। उन्होंने पहले आरोपों को स्वीकार किया था और बाद में साजिश रचने की भूमिका में शामिल होने से इनकार कर दिया था। गौरतलब है कि 18 मई 2007 को दोपहर 1 बजकर 27 मिनट पर प्रार्थना के दौरान धमाका हुआ था जिसमें 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी और 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, बाद में ये चारों लोग भी जिंदगी से जंग हार गये थे। 

मस्जिद में धमाके के समय वहां 10 हजार लोग मौजूद थे। वहां दो जिंदा बम भी बरामद हुए थे जिसे हैदराबाद पुलिस ने निष्क्रिय कर दिया था। बाद में इस मामले को सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया था लेकिन फिर यह मामला NIA के पास चला गया। एजेंसी ने 226 अभियोजन पक्ष के गवाहों को सूचीबद्ध किया था जिसमें से 64 बदल गए थे।

Wednesday, 11 April 2018

दुबई कोर्ट ने 2 भारतीयों को सुनाई 500 साल की सजा फ्रॉड केस मामले में

*🅱दुबई: दो भारतीयों को 500 साल की सजा*

*🅱दुबई* कोर्ट ने गोवा के दो लोगों को 500 साल की सजा सुनाई है। 37 साल के सिडनी लिमोस और उनके अकाउंट स्पेशलिस्ट 25 साल के रियान डिसूजा को 200 मिलियन डॉलर के घोटाले में हजारों निवेशकों को धोखा देने के मामले में यह सजा सुनाई गई है। लिमोस ने अपनी कंपनी के जरिये लोगों को प्रलोभन दिया कि वह 25 हजार डॉलर के निवेश पर उन्हें 120 प्रतिशत का न्यूनतम सालाना रिटर्न देगा। लिमोस की पत्नी वलानी पर भी केस रजिस्टर किया गया है। उन पर गैरकानूनी रूप से सील ऑफिस में घुसने और दस्तावेज ले जाने का आरोप है।

गोवा के लिमोस को सबसे पहले दिसंबर 2016 में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया था। हालांकि पिछले साल जनवरी में भी उसे गिरफ्तार किया गया था। वहीं सजोलिम के रहने वाले रियान को पिछले साल फरवरी में दुबई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था।

Monday, 2 April 2018

2 अप्रैल को दलितों का भारत बंद का ऐलान एससी एसटी एक्ट में परिवर्तन के विरोध में विपक्ष ने भी दिया समर्थन sc st act के विरोध मे

  Sc st act एस.सी./एस.टी. एक्ट संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में
दलितसमाज ने दो अप्रैल को भारत बंद का ऐलान किया है। संगठनों ने भारत बंद को सफल बनाने के लिए जगह-जगह लोगों से इसमें शामिल होने का #आह्वान किया है। वहीं प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए चौकसी कड़ी कर दी गई है। इसी बीच पंजाब सरकार ने सोमवार को स्कूल-कॉलेज बंद करने का ऐलान कर दिया है। राज्य भर में 4000 के करीब जवानों को तैनात किया गया है।
सरकार ने कल दिनभर #इंटरनेटसेवा बंद करने के भी आदेश दे दिए हैं। राज्यभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं। पंजाब के प्रमुख सचिव करन ए सिंह ने केंद्र सरकार रक्षा सचिव को पत्र लिखकर सैन्य बलों की मांग की है ताकि #कानूनव्यवस्था को कायम रखा जा सके। #पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी प्रदर्शन के दौरान दलित संगठनों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। बंद का आह्वान करने वाले संगठनों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है। उन्हें आश्वासन दिया जा रहा है कि पंजाब सरकार दलितों के किसी भी अधिकार को नहीं छीनने दिया जाएगा। बता दें कि #सुप्रीमकोर्ट की ओर से एस.सी./एस.टी. एक्ट के संबंध में सुनाए गए एक फैसले से दलित समुदाय में रोष है। इस समुदाय के लोगों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार ने भी कोई #रीव्यूपटीशन दाखिल नहीं की जिससे केंद्र सरकार का दलित विरोधी रवैया स्पष्ट होता है। इससे दलितों पर होने वाले अत्याचारों में वृद्धि होगी व उन्हें मिलने वाले इंसाफ की उम्मीद और मद्धम हो जाएगी। इसी रोष में देश भर में #दलित संगठनों ने उक्त फैसले के खिलाफ 2 अप्रैल को #भारतबंद का आह्वान किया है। 



SC/ST मामले में रिव्यू पिटीशन लगाएगी सरकारः सोमवार को भारत बंद, पंजाब में पोस्टपोन हुआ CBSE पेपर




क्या है #SC_ST_ एक्ट#अनुसूचितजाति एवं #अनुसूचितजनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम 1989 को 11 सितम्बर, 1989 को संसद में पारित किया गया था। 30 जनवरी, 1990 को इस कानून को जम्मू-कश्मीर छोड़ पूरे देश में लागू किया गया। एक्ट के मुताबिक कोई भी ऐसा व्यक्ति जो कि एससी-एसटी से संबंध नहीं रखता हो, अगर अनुसूचित जाति या जनजाति को किसी भी तरह से प्रताड़ित करता है तो उस पर कार्रवाई होगी। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (#अत्याचारनिरोधक) अधिनियम, 1989 के तहत आरोप लगने वाले व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। जुर्म साबित होने पर आरोपी को एससी-एसटी एक्ट के अलावा आईपीसीकीधारा के तहत भी सजा मिलती है। आईपीसी की सजा के अलावा एससी-एसटी एक्ट में अलग से छह महीने से लेकर उम्रकैद तक की सजा के साथ जुर्माने की व्यवस्था भी है। अगर अपराध किसी सरकारी अधिकारी ने किया है, तो आईपीसी के अलावा उसे इस कानून के तहत 6 महीने से लेकर एक साल की सजा होती है।

पंजाब में बंद के दौरान पैदा होने वाली किसी भी अशांति से निपटने के लिए सेना की तैनाती कर दी गई है. राज्य के बठिंडा जिले में 300 के करीब बीएसएफ व पंजाब पुलिस के जवानों को 2 दिन पहले ही तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न होने पाए.


वहीं बंद के मद्देनजर सीबीएसई ने पंजाब में होने वाली सीबीएसई 10वीं-12वीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया है. सीबीएसई ने इस संबंध में प्रेस रिलीज जारी किया है जिसमें लिखा है, "पंजाब सरकार के डीजी स्कूल शिक्षा ने हमें पत्र लिखा था कि 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान कानून व्यवस्था की समस्या और स्कूली छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है. हमारी सीबीएसई से गुजारिश है कि 2 अप्रैल को निर्धारित सीबीएसई की परीक्षाओं को रद्द कर दिया जाए."


Saturday, 24 March 2018

लालू प्रसाद यादव को बड़ा झटका चारा घोटाले मामले में दोषी लगा जुर्माना

*चारा घोटाला मामले में लालू यादव को बड़ा झटका, 14 साल की कैद और 60 लाख का जुर्माना*
*🅱चारा घोटाला:
दुमका कोषागार मामले में लालू यादव को 7 साल की सज़ा, 30 लाख का जुर्माना*
*अब तक कुल 13.6 साल की सजा हो चुकी है...*
दुमका कोषागार मामले में आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव को आज शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने कुल 14 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। 

दरअसल कोर्ट में मौजूद वकील ने बताया कि लालू प्रसाद यादव को दो अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई गई है। दोनों ही धाराओं के तहत उन पर 7-7 साल की सजा लगाई गई है। इसके अलावा दोनों धाराओं के अंतर्गत 30-30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। उनके मुताबिक एक सजा पूरी होने पर दूसरी सजा शुरू होगी। जबकि लालू प्रसाद यादव के वकील ने कहा कि फैसले की कॉपी मिलने के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह सजा अलग हैं या एक साथ। 

लालू यादव समेत दोषी ठहराए गए सभी 19 लोगों की सजा पर तीन दिनों तक सुनवाई हुई। 21 से 23 मार्च तक सुनवाई के बाद आज शनिवार को सजा का ऐलान किया हया। इससे पहले आरजेडी चीफ को हाईकोर्ट से झटका लगा था। चाइबासा मामले में उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं हुई थी।

गौरतलब हो कि लालू के वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि उनकी सजा को कम किया जाए। वकील ने कोर्ट से कहा था कि लालू की उम्र 70 साल हो चुकी है और वह कई बीमारियों से ग्रसित हैं। लेकिन कोर्ट ने लालू के वकील के अनुरोध को दरकिनार कर दिया। कोर्ट के अनुसार, अगर लालू जुर्माना नहीं देते हैं तो उन्हें एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी। 

Wednesday, 21 March 2018

अलीमुद्दीन हत्याकांड सभी दोषियों को उम्रकैद महज 8 महीने में आया फैसला

 रांची झारखंड दादरी के बिसाहड़ा कांड की तरह अलीमुद्दीन हत्याकांड में अदालत ने महज 8 महीने में सुनवाई पूरी करते हुए 11 दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई




इस मामले में रामगढ़ की फास्ट ट्रैक अदालत ने 16 मार्च को सभी 11 लोगों को दोषी करार दिया था जानकारी के अनुसार जब इन सभी 11 दोषियों को सजा के बाद कोर्ट के बाहर से लेकर जा रहे थे सभी लोगों ने जय जय श्रीराम के नारे लगाएं और अदालत के फैसले का स्वागत किया

इन 11 दोषियों को सुनाई गई है उम्रकैद की सजा अदालत ने जिन 11 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है, उनमें 2 नाबालिग हैं। इसके अलावा सजा पाने वालों में BJP की रामगढ़ जिला इकाई के मीडिया प्रभारी नित्यानंद महतो का नाम भी शामिल है और बाकि के दोषी गौ रक्षा समिति से जुड़े हुए हैं। इनमें दीपक मिश्रा, छोटू वर्मा व संतोष सिंह को मुख्य अभियुक्त करार दिया था। विक्की साव, सिकंदर राम, कपिल ठाकुर, रोहित ठाकुर, राजू कुमार, विक्रम प्रसाद व उत्तम राम को भी दोषी करार दिया गया था। महज आठ महीने 17 दिन में कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली थी।

जानिए, क्या है मामला ये मामला 29 जून, 2017 का है, जब गौमांस ले जाने के आरोप में अलीमुद्दीन नाम के शख्स को भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला था। अलीमुद्दीन मनुआ से कोयला लेकर जाता था और चितरपुर से मांस लेकर आता था। प्रतिबंधित मांस को लेकर हुए बवाल के दौरान वाहन में मांस ले जा रहे अलीमुद्दीन की भीड़ ने हत्या कर दी थी। घटना के दिन अलीमुद्दीन 60 किलो प्रतिबंधित मांस लेकर आ रहा था।

पिटाई के बाद अलीमुद्दीन को पहले इलाज के लिए रांची अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई थी। अलीमुद्दीन की पत्नी मरियम खातून ने इस मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।