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Thursday, 26 April 2018

*अजमेर* कठुआ और उन्नाव के बाद अब अजमेर में भी हुआ नाबालिक के साथ दुष्कर्म, मंदिर में 7 साल की बच्ची से पुजारी ने किया बलात्कार, अलवर गेट थाना पुलिस ने पुजारी को किया गिरफ्तार।

*अजमेर*  कठुआ और उन्नाव के बाद अब अजमेर में भी हुआ नाबालिक के साथ दुष्कर्म, मंदिर में 7 साल की बच्ची से पुजारी ने किया बलात्कार, अलवर गेट थाना पुलिस ने पुजारी को किया गिरफ्तार।














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Wednesday, 25 April 2018

बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के शामली में धर्म परिवर्तन करने पर युवक के साथ मारपीट और दाढ़ी काटी गई वीडियो वायरल हो रहा है

उत्तर प्रदेश के शामली में एक मकान के अंदर कुछ हिंदूवादी संगठन के लोग और मीडिया कर्मी एक मकान में घुसकर वीडियो बनाते हुए नजर आ रहे हैं 

जिसमें वह पहले तो युवक को घेरकर खड़े हो गए और उससे पहले तो उसका नाम पूछते हैं और उससे जबरन धर्म परिवर्तन के बारे में पूछते हैं जब उनको अपने मनमाफिक जवाब नहीं मिला तो उन लोगों में से किसी एक ने उस शख्स की टोपी उतार दी युवक कुछ समझ पाता उससे पहले ही किसी ने उसके गाल पर थप्पड़ लगा दिया यही नहीं हिंदूवादी संगठनों ने उसे चेतावनी दी और युवक की दाढ़ी काट दी हालांकि इससे पहले एक आदमी ने उसे धमकी भरे अंदाज में समझाने की कोशिश भी की थी उस आदमी ने धमकी भरे अंदाज में उससे कहा कि यह सपना तुम छोड़ दो कि हम तुमको मुसलमान बनने देंगे यह सपना तो तुम छोड़ ही दो साथ ही उसने गाली देते हुए कहा कि और यह सपना वह भी छोड़ दे जो यह सोचते हैं कि वह तुम्हें मुसलमान बना देंगे हिंदूवादी संगठनों अपनी मर्जी से धर्म बदलने वाले व्यक्ति का नाम पवन बताया और बताया कि उसका जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करवाया गया है जबकि इस्लाम कबूल करने वाले शख्स ने खुद का नाम मोहम्मद आमिर बताया

जबकि मोहम्मद आमिर ने बताया कि उसने बिना किसी लालच और बिना किसी दबाव के इस्लाम कुबूल किया है उसके ऊपर किसी ने भी दबाव नहीं डाला
उसने कहा कि उन लोगों ने जबरदस्ती मेरी दाढ़ी काटी और जबरदस्ती मेरी टोपी भी उठा ली सर से

यही नहीं इस्लाम कबूल करने वाले मोहम्मद आमिर की दाढ़ी भी काटी गई तो फिर भी उछाल दी और हिंदूवादी संगठनों ने उसके सर पर तिलक भी लगाया

आपको बता दें कि भारतीय संविधान किसी को भी अपने मर्जी के मुताबिक धर्म परिवर्तन करने का अधिकार देता है अगर ऐसे में कोई संविधान के अनुरूप अपना धर्म बदलना चाहता है और लोग उस पर फिर से दबाव बनाते हैं तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी ही चाहिए और प्रशासन को इन लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाने चाहिए जिससे लोगों में आपसी भाईचारा बना रहे हैं

Monday, 16 April 2018

प्रवीण तोगड़िया के उपवास पर विश्व हिंदू परिषद का 'मौन' बगावती तेवर अपनाए तोगड़िया ने 17 अप्रैल से अन्न सत्याग्रह शुरू करेंगे तोगड़िया

प्रवीण तोगड़िया के उपवास पर विश्व हिंदू परिषद का 'मौन'

: 14 अप्रैल को गुरुग्राम में हुए वीएचपी चुनाव से पहले ही तोगड़िया के 'अन्न त्याग सत्याग्रह' और मांगों से जुड़े दो बैनर तैयार हो चुके थे. उन्होंने प्रेस नोट तैयार रखा था कि परिणाम आते ही हमें क्या कहना है
[: विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) में अपने खासमखास राघव रेड्डी को हारने के बाद गुस्साए प्रवीण तोगड़िया मंगलवार 17 अप्रैल से अहमदाबाद में अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठने वाले हैं. सबसे बड़े हिंदू नेताओं में शुमार तोगड़िया के मोर्चा खोलने के बाद संगठन ने उनके बारे में कुछ न बोलने का निर्णय लिया है. यानी उपवास के मुकाबले 'मौन'.
[ परिषद के संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र जैन से जब हमने पूछा कि क्या हिंदुत्व, राम मंदिर व गोरक्षा के मसले पर कट्टर हिंदू भी अब बंट नहीं जाएगा? उन्होंने कहा, "हिंदुओं ने मुगलों का आक्रमण झेला तो भी नहीं टूटे, अपनों के भी झेल रहे हैं तो भी नहीं टूटेंगे. तोगड़िया ने खुद कहा है कि वो अब वीएचपी में नहीं हैं इसलिए विश्व हिंदू परिषद अब उनके बारे में अपनी कोई राय नहीं देगी. हम उनकी किसी भी बात और एक्शन पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे."
[: जैन ने कहा "उनके उपवास का संगठन पर कोई असर नहीं पड़ेगा. हिंदू की शक्ति कभी न तो कम हुई न होगी. ये दौर किसी व्यक्ति का नहीं, हिंदुत्व का है. राम मंदिर से जुड़ा मुद्दा किसी व्यक्ति का नहीं हैं. ये संत तय करते हैं. धर्म संसद ने तय किया है. व्यक्ति आते जाते रहेंगे. ये हिंदू समाज का ऐसा संकल्प है जो पूरा हुए बिना रुकने वाला नहीं है. "
[: तोगड़िया हिंदुओं, किसानों, युवाओं, मजदूरों, महिलाओं के मुद्दे को लेकर मंगलवार से अहमदाबाद में अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठने वाले हैं. ये मुद्दे ऐसे हैं जिन पर सरकार पहले से चिंतित है. ऐसे में हिंदू कैंप के एक बड़े चेहरे द्वारा इन मसलों पर सरकार से जवाब मांगने से सियासत गरमा सकती है.
[विश्व हिंदू परिषद से पत्ता कटने का तोगड़िया को पहले ही एहसास हो चुका था. इसीलिए उन्होंने कहा, "मुझे जिम्मेदारी मिले न मिले, मैं कैंसर सर्जन हूं, फिर से इलाज शुरू कर दूंगा. राम मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष करता रहूंगा." यही नहीं 14 अप्रैल को गुरुग्राम में हो रहे चुनाव से पहले उनके अन्न त्याग सत्याग्रह और मांगों से जुड़े दो बैनर तैयार हो चुके थे. प्रेसनोट तैयार रखा था कि परिणाम आते ही हमें क्या कहना है.

गुरुग्राम के सिविल लाइन रोड स्थित जिला उपायुक्त कार्यालय के पास सड़क पर मीडिया का जमावड़ा था. दोपहर बाद 4.13 बजे विहिप के प्रवक्ता विजय शंकर तिवारी परिणाम की जानकारी देने पहुंचे. पांच-सात मिनट में वे वापस चुनाव स्थल पर चले गए. तब तक 4.30 बजे बगावती तेवर में तोगड़िया कैंप के लोग अपने नेता के साथ पत्रकारों के पास आए. देखते ही देखते यहां अन्न त्याग का बैनर भी लगा दिया गया...
जानकार बताते हैं कि तोगड़िया ने शायद ही पहले कभी किसान, मजदूर, महिलाओं और युवाओं की बात उतनी जोर से कही हो जितनी अब कह रहे हैं. बताया जाता है कि कई मौकों पर पीएम नरेंद्र मोदी की निंदा करने के चलते तोगड़िया से आरएसएस और बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व नाराज था, इसीलिए उन्हें वीएचपी से किनारे लगा दिया गया.
इसके लिए संगठन के 54 साल के इतिहास में पहली बार चुनाव करवाना पड़ा. माना जा रहा था कि चुनाव हारने के बाद वह सरकार पर हमलावर होंगे और ऐसा ही हुआ. वीएचपी में अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष ही अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष चुनता है. पिछले दो बार से अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर चुने जा रहे राघव रेड्डी अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष की कुर्सी पर प्रवीण तोगड़िया को बैठाते आ रहे थे.

Monday, 2 April 2018

2 अप्रैल को दलितों का भारत बंद का ऐलान एससी एसटी एक्ट में परिवर्तन के विरोध में विपक्ष ने भी दिया समर्थन sc st act के विरोध मे

  Sc st act एस.सी./एस.टी. एक्ट संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में
दलितसमाज ने दो अप्रैल को भारत बंद का ऐलान किया है। संगठनों ने भारत बंद को सफल बनाने के लिए जगह-जगह लोगों से इसमें शामिल होने का #आह्वान किया है। वहीं प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए चौकसी कड़ी कर दी गई है। इसी बीच पंजाब सरकार ने सोमवार को स्कूल-कॉलेज बंद करने का ऐलान कर दिया है। राज्य भर में 4000 के करीब जवानों को तैनात किया गया है।
सरकार ने कल दिनभर #इंटरनेटसेवा बंद करने के भी आदेश दे दिए हैं। राज्यभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं। पंजाब के प्रमुख सचिव करन ए सिंह ने केंद्र सरकार रक्षा सचिव को पत्र लिखकर सैन्य बलों की मांग की है ताकि #कानूनव्यवस्था को कायम रखा जा सके। #पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी प्रदर्शन के दौरान दलित संगठनों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। बंद का आह्वान करने वाले संगठनों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है। उन्हें आश्वासन दिया जा रहा है कि पंजाब सरकार दलितों के किसी भी अधिकार को नहीं छीनने दिया जाएगा। बता दें कि #सुप्रीमकोर्ट की ओर से एस.सी./एस.टी. एक्ट के संबंध में सुनाए गए एक फैसले से दलित समुदाय में रोष है। इस समुदाय के लोगों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार ने भी कोई #रीव्यूपटीशन दाखिल नहीं की जिससे केंद्र सरकार का दलित विरोधी रवैया स्पष्ट होता है। इससे दलितों पर होने वाले अत्याचारों में वृद्धि होगी व उन्हें मिलने वाले इंसाफ की उम्मीद और मद्धम हो जाएगी। इसी रोष में देश भर में #दलित संगठनों ने उक्त फैसले के खिलाफ 2 अप्रैल को #भारतबंद का आह्वान किया है। 



SC/ST मामले में रिव्यू पिटीशन लगाएगी सरकारः सोमवार को भारत बंद, पंजाब में पोस्टपोन हुआ CBSE पेपर




क्या है #SC_ST_ एक्ट#अनुसूचितजाति एवं #अनुसूचितजनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम 1989 को 11 सितम्बर, 1989 को संसद में पारित किया गया था। 30 जनवरी, 1990 को इस कानून को जम्मू-कश्मीर छोड़ पूरे देश में लागू किया गया। एक्ट के मुताबिक कोई भी ऐसा व्यक्ति जो कि एससी-एसटी से संबंध नहीं रखता हो, अगर अनुसूचित जाति या जनजाति को किसी भी तरह से प्रताड़ित करता है तो उस पर कार्रवाई होगी। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (#अत्याचारनिरोधक) अधिनियम, 1989 के तहत आरोप लगने वाले व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। जुर्म साबित होने पर आरोपी को एससी-एसटी एक्ट के अलावा आईपीसीकीधारा के तहत भी सजा मिलती है। आईपीसी की सजा के अलावा एससी-एसटी एक्ट में अलग से छह महीने से लेकर उम्रकैद तक की सजा के साथ जुर्माने की व्यवस्था भी है। अगर अपराध किसी सरकारी अधिकारी ने किया है, तो आईपीसी के अलावा उसे इस कानून के तहत 6 महीने से लेकर एक साल की सजा होती है।

पंजाब में बंद के दौरान पैदा होने वाली किसी भी अशांति से निपटने के लिए सेना की तैनाती कर दी गई है. राज्य के बठिंडा जिले में 300 के करीब बीएसएफ व पंजाब पुलिस के जवानों को 2 दिन पहले ही तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न होने पाए.


वहीं बंद के मद्देनजर सीबीएसई ने पंजाब में होने वाली सीबीएसई 10वीं-12वीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया है. सीबीएसई ने इस संबंध में प्रेस रिलीज जारी किया है जिसमें लिखा है, "पंजाब सरकार के डीजी स्कूल शिक्षा ने हमें पत्र लिखा था कि 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान कानून व्यवस्था की समस्या और स्कूली छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है. हमारी सीबीएसई से गुजारिश है कि 2 अप्रैल को निर्धारित सीबीएसई की परीक्षाओं को रद्द कर दिया जाए."