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Saturday, 24 March 2018

अन्ना एक बार फिर अनशन पर सरकार के खिलाफ वीडियो जारी कर लोगों से की अपील

*रामलीला मैदान में अन्ना ने शुरू किया अनशन कहा- गोरे अंग्रेज गए और काले अंग्रेज आ गए*
अन्ना हजारे आज से रामलीला मैदान पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। अन्ना किसानों की सात मांगों को लेकर दोबारा आंदोलन कर रहे हैं। हालांकि पिछली बार जिस लोकपाल कानून की मांग उन्होंने की थी वो इस आंदोलन का हिस्सा भी है। अन्ना ने भूख हड़ताल शुरू करने से पहले कहा कि, 'मैंने सरकार को 42 बार पत्र लिखा, मगर सरकार ने नहीं सुनी। अंत में मुझे अनशन पर बैठना पड़ा।' इसके साथ ही अन्ना ये भी कहा कि चाहे इस बार भीड़ आए ना आए वह अकेले ही रामलीला मैदान में बैठे रहेंगे और जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती वह यहां से नहीं हटेंगे।

*रामलीला मैदान से पहले पहुंचे राजघाट*
इससे पहले आज सुबह अन्ना हजारे राजघाट पहुंचे जहां उन्होंने गांधी जी की समाधि पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और फिर वहीं बैठ गए। इस वक्त अन्ना हजारे राजघाट पर बैठ कर प्रार्थना की। आधा घंटे से ज्यादा समय तक राजघाट में बिताने के बाद अन्ना हजारे यहां से रवाना हो गए। जानकारी के अनुसार जब अन्ना बापू की समाधि पर पहुंचे तो वह रो पड़े। यहां से निकलकर अन्ना हजारे शहीद पार्क जाएंगे। उसके बाद वह रामलीला मैदान पहुंचे और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की शुरुआत कर दी।

इससे पहले अन्ना हजारे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि, प्रदर्शन के लिए दिल्ली आ रहे लोगों की ट्रेनें रद्द की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्या सरकार हिंसा को बढ़ावा देना चाहती है। मेरे लिए पुलिस बल तैनात किया गया है जबकि मैंने कई बार पत्र लिख कर कहा था कि मुझे पुलिस प्रोटेक्शन की जरूरत नहीं हैं, आपकी पुलिस हमें नहीं बचा सकती है। सरकार को ऐसा धूर्त रवैया नहीं अपनाना चाहिए। दरअसल अन्ना लंबे समय से किसान आंदोलन को लेकर देशभर में भ्रमण कर रहे थे। वह किसानों के न्यूनतम मूल्य, फिक्स आमदनी की वकालत की बात कर रहे हैं। इसे लेकर ही केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। 
*किसानों की लड़ाई लड़ेंगे अन्ना*
अन्ना के साथ जुड़े लोगों का कहना है कि हजारों की संख्या में देशभर के अलग-अलग राज्यों से किसान इस आंदोलन में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं। अन्ना इस आंदोलन में सिर्फ किसानों की लड़ाई लड़ेंगे। 

मंच पर नहीं मिली राजनीतिक दलों को जगह अन्ना हजारे ने कहा कि यह आंदोलन राजनीतिक लोगों को दूर रखेगी। अगर कोई राजनीतिक दल इसमें शामिल भी होना चाहता है तो उसे भीड़ के साथ जगह मिलेगी।

उसे मंच पर जगह नहीं दी जाएगी। अन्ना हजारे ने कहा है कि वह इस आंदोलन में शामिल होने वालों से शपथ पत्र ले रहे है की वह इस आंदोलन के बाद किसी राजनीति दल में नहीं जाएंगे।