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Tuesday, 10 April 2018

RSS कार्यकर्ता ने तनाव में कर खुद को लगाई आग 80% झुलसा राजस्थान की खबर दलितों के आंदोलन के बाद से स्थानों में

जयपुर के आम्रपाली सर्किल पर एक व्यक्ति् ने आरक्षण विरोध को लेकर किया आत्मदाह
एसएमएस में भर्ती 
दिल्ली जाने की तैयारी

भारत माता के नाम पत्र लिखकर किया आत्मदाह
कई दिनों से परेशान थे विरोध प्रदर्शनों को लेकर
रघुवर प्रसाद गुप्ता है नाम 
वैशाली नगर में है मेडिकल की दुकान

एसएमएस के बर्न यूनिट के दूसरे तल कमरा नंबर 202 में भर्ती

चौराहे के पास लगे ट्रांसफ़ॉर्मर के पीछे खड़ा होकर खुद को लगाई आग


80 प्रतिशत बर्न है रघुवीर प्रसाद। 
परिजन दिल्ली ले जाने की कर रहे तैयारी

भाजपा शासित राजस्‍थान में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। 

राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यकर्ता ने जयपुर में आत्‍मदाह कर जान देने की कोशिश की है। पीड़ित के दोस्‍त ने बताया कि वह 2 अप्रैल के भारत बंद से 

बहुत दिनों से बेहद तनाव में था।

 इससे परेशान होकर वह आत्‍मदाह करने पर मजबूर हो गया। इसमें अरएसएस कार्यकर्ता बुरी तरह झुलस गए।

RSS कार्यकर्ता ने जयपुर में खुद को लगाई आग !!
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सोशल मीडिया पर फैलाया उन्माद, दुष्प्रचार, आउट रेज और नफरत की अति कितना नुकसान करती है इसका उदाहरण सामने है ! खबर जयपुर से है जहाँ वह 2 अप्रैल के भारत बंद के बाद से बहुत दिनों से मानसिक तनाव रहे संघ के एक क्रयकर्ता ने खुद को आग लगाकर ख़ुदकुशी की कोशिश की है ! 

इसी नफरत, दुष्प्रचार और प्रोपगंडे ने राजसमंद के शंभूलाल रैगर को एक वीभत्स क़ातिल के रूप में परिवर्तित कर दिया था, और उसने ख़ास सोशल मीडिया पर अपलोड करने के लिए एक बेगुनाह मुसलमान का लाइव क़त्ल कर डाला !! 

अगर सोशल मीडिया पर ये उन्माद, नफरत, दुष्प्रचार, प्रोपगंडे और हेट स्पीच न रोकी गयी तो ये मंच समाज, देश और लोकतंत्र के लिए भावी संकट का स्त्रोत बनेगा !!
 यह घटना रविवार (8 अप्रैल) की है। अनुसूचित जाति/जनजाति को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के प्रति विरोध जताने के लिए दलित संगठनों ने बंद का आह्वान किया था। 


इस दौरान कई राज्‍यों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। हिंसा में कुल 11 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा सरकारी और निजी संपत्ति को व्‍यापक पैमाने पर नुकसान पहुंचाया गया था। मध्‍य प्रदेश, उत्‍तर प्रदेश, बिहार और राजस्‍थान सबसे ज्‍यादा प्रभावित हुआ था।


 मेरठ में कई बसों को आग के हवाले कर दिया गया था। इसके अलावा जगह-जगह ट्रेन का परिचालन ठप कर दिया गया था। इससे हजारों की तादाद में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था।


 भाजपा ने हिंसा के लिए विपक्षी दलों को जिम्‍मेदार ठहराया था। वहीं, कांग्रेस, बसपा और सपा जैसे दलों ने भाजपा सरकार पर एससी-एसटी कानून को कमजोर करने का आरोप लगाया था।

Tuesday, 3 April 2018

राजस्थान से बड़ी खबर राजसमंद में तोड़ी गई गांधीजी की मूर्ति लोगों में आक्रोश

अभी यहां पर तोड़ी गई गांधी जी की मूर्ति इलाके में तनाव राजस्थान से बड़ी खबर कल 2 अप्रैल को बंद के बाद रात्रि में किसी ने राजस्थान के राजसमंद जिले में समाजकंटकों ने गांधी जी की मूर्ति को तोड़ दिया समाजकंटकों ने गांधी जी का मूर्ति का सर तोडकर कचरे के ढेर में फेंक दिया यह घटना राजसमंद जिले के नाथद्वारा थाना क्षेत्र के सोमवार की रात को अज्ञात लोगों ने तहसील रोड पर स्थापित गांधी जी की प्रतिमा को तोड़ दिया पुलिस ने प्रतिमा का धड़  बाकी सब को कपड़े से ढक वा दियां स्थानीय लोगों के मुताबिक रात्रि में करीब 1:00 बजे 4और 5 अज्ञात लोगों को मोहल्ले में आते हुए देखा था
हो सकता है उन्हीं लोगों ने मूर्ति को तोड़ा हुआ घटना के बारे में इलाके के लोगों को सुबह पता लगा जब वह घरों से बाहर निकले तब तब लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा घटनास्थल पर पहुंचे थाना अधिकारी महिपाल सिंह ने बताया कि हमें घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे मूर्ति को अपने कब्जे में लिया और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्दी इन समाजकंटकों को पकड़ लिया जाएगा

Saturday, 31 March 2018

झुंझुनूं- मलसीसर में बना कुम्भाराम लिफ्ट परियोजना का डैम टूटा। मलसीसर तहसील में भरा पानी

झुंझुनूं- मलसीसर में बना कुम्भाराम लिफ्ट परियोजना का डैम टूटा। मलसीसर तहसील में भरा पानी
लोगो मे अफरा-तफरी का माहौल। राजस्थान के झुंझुनू जिले के मलसीसर गांव में बांध टूटने से बाढ़ जैसे हालात गांव में कभी भी घुस सकता है पानी तहसील कार्यालय हुआ जलमग्न जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन राहत और बचाव कार्य में झुंझुनू कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारी भी स्थिति पर बनाई हुई है नजर किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए जयपुर से आपदा प्रबंधन विभाग की टीम हुई रवाना अभी तक जान और माल का कितना नुकसान हुआ आंकलन नहीं उम्मीद है किसी तरह का नुकसान ना हो
लोगों में अफरा-तफरी और डर का माहौल लोग घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की तरफ निकले हैं गौरतलब है कि कुंभाराम लिफ्ट परियोजना का यह बांध भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा हो गया क्योंकि अचानक इस तरह बांध टूटने से प्रशासन बनाने वाले की लापरवाही सामने आ रही है

Monday, 19 March 2018

राजस्थान के टोंक में बिगड़ा माहौल, धारा 144 लगाई

टोंक में बिगड़ा माहौल, धारा 144 लगाई टोंक। शहर में रविवार शाम बड़ा कुआं क्षेत्र से निकल रही रैली के दौरान किसी के पत्थर फैंकने से माहौल बिगड़ गया। इस दौरान सबीलशाह की चौकी के सामने तथा डीईओ ऑफिस के सामने सडक़ पर खड़ी 

तीन बाइक को किसी ने आग लगा दी तथा थड़ी व केबिनों में तोडफ़ोड़ कर दी। इसके बाद शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया व बाजार जल्द ही बंद हो गए। जिला मजिस्ट्रेट सुबेसिंह यादव ने धारा 144 लगा दी।

पुलिस ने भी दुकानदारों को जल्द घर भेज दिया। जबकि रैली में पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र दाधीच, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा आदि पुलिस अधिकारी शामिल थे। पुलिस का कहना है कि बड़ा कुआं क्षेत्र में किसी ने पत्थर फैंक दिए। इससे भगदड़ मच गई। बाद में ये खबर आग की तरह फैल गई। बड़ा कुआं के आस-पास क्षेत्रों में भी तनाव की स्थिति हो गई। पथराव से एक पुलिसकर्मी समेत कुछ लोगों को चोटें आई है। उन्हें सआदत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस का कहना है कि रैली सवाईमाधोपुर चौराहे पर पहुंच गई थी, लेकिन अंतिम छोर में कुछ लोग चल रहे थे। इस दौरान पथराव हो गया। इससे भगदड़ मच गई। इस दौरान किसी ने बाइक के भी आग लगा दी। पुलिस ने आग पर काबू पाया। सूचना पर जिला कलक्टर सुबेसिंह यादव आदि अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों से बात की और शहर में शांति बनाए रखने को कहा।

घटना के बाद लोगों का हुजूम बड़ा कुआं क्षेत्र में जमा हो गए। लोग तरह-तरह की बातें करने लगे। वहीं पुलिस भी गली-गली में गश्त करने लगी। हालांकि पुलिस लोगों को घर भेज रही थी, लेकिन लोग गलियों के मोड़ पर खड़े थे। अभी गत 18 फरवरी को पुरानी टोंक क्षेत्र में हुए झगड़ा निपटा ही था कि बड़ा कुआं क्षेत्र में फिर से हो गया। इससे शहर की शांति व्यवस्था बिगड़ गई।

घटना के बाद शहर में अफवाहों का दौर चल गया। लोग तरह-तरह की बातें करने लगे। गली-मोहल्लों में लोग जमा हो गए और घटना को लेकर चर्चा करने लगे। किसी का कुछ तो किसी का कुछ कहना था।